भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद साक्षी महाराज ने एक बार फिर कहा है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर अब कोई रास्ता नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि साधु-संतों की मांग पर 6 दिसबंर से पहले अयोध्या में कुछ न कुछ होना चाहिए.
साक्षी महाराज ने कहा, 'देश की जनता चाहती है कि अयोध्या में श्रीराम का मंदिर बने. हिंदुस्तान के सारे धर्माचार्य भी कह रहे हैं. सभी लोग आंदोलित हैं. मुझे लगता है कि साधु संन्यासियों ने 6 दिसंबर को एक डेडलाइन तय की है. इसलिए 6 दिसंबर तक कुछ न कुछ होना चाहिए. मंदिर निर्माण शुरू हो, यह सारे देशवासी चाहते हैं. सारे संन्यासी भी चाहते हैं. अगर 6 दिसंबर तक कोई निर्णय नहीं होता, तो साधु संन्यासी देशभर में सम्मेलन करेंगे.'
बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने कहा, 'इलाहाबाद में कुंभ आने वाला है. महाकुंभ में साधु संन्यासियों का बड़ा सम्मेलन होगा. ऐसी स्थिति में राम मंदिर निर्माण के अलावा और कोई रास्ता नहीं दिखता. चाहे सरकार अध्यादेश लेकर आए या बिल. साक्षी महाराज ने सलाह दी कि नरसिम्हा राव सरकार की ओर से अधिग्रहित की गई जमीन राम जन्मभूमि न्यास को देना चाहिए. उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि 2019 से पहले प्रभु श्रीराम का मंदिर बनना शुरू हो जाएगा. जब सब लोग चाहते हैं कि अयोध्या में मंदिर बने, तो पूरा विश्वास है 2019 लोकसभा चुनाव से पहले मंदिर निर्माण का काम शुरू हो जाएगा.'
बीजेपी सांसद ने कहा, 'बीजेपी आज भी राम मंदिर के साथ है. जब तक राम मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता, बीजेपी राम मंदिर के रास्ते पर ही चलेगी. 2019 चुनाव में जाने से पहले मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा.
यूपी के मुख्यमंत्री की ओर से जल्द ही खुशखबरी देने की बात पर साक्षी महाराज ने कहा कि लगता है मंदिर निर्माण की कोई तारीख जल्द फिक्स हो जाएगी.
संतों के फैसले पर जब शाहनवाज हुसैन से सवाल किया गया तो उन्होंने राम मंदिर निर्माण की मांग को संतों का अधिकार बताया. साथ ही संतों की कानून बनाने की मांग पर उन्होंने कहा कि तथ्यों को देखने के बाद सरकार को फैसला करना है कि कानून बनाना है या नहीं. हालांकि, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता होने के नाते ये बताया कि मैं पार्टी का अधिकृत प्रवक्ता हूं और राम मंदिर के निर्माण को लेकर पार्टी में अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है.
शाहनवाज हुसैन ने ये भी कहा कि राम मंदिर केस देश का सबसे पुराना मामला है और सिर्फ आरएसएस या वीएचपी ही नहीं, बल्कि देश की बहुत बड़ी आबादी चाहती है कि इस मसले पर जल्द फैसला आए.
संतों की सभा में क्या फैसला हुआ
धर्मादेश का दो दिवसीय कार्यक्रम रविवार को खत्म हुआ, जिसमें अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेन्द्र नंद सरस्वती ने राम मंदिर निर्माण की बात पर कहा कि यह कोई आग्रह नहीं बल्कि आदेश है. उन्होंने कहा कि कानून लाया जाए और चुनाव से पहले राम मंदिर के निर्माण का काम पूरा हो. अगर यह नहीं किया गया तो हमें हमारा रास्ता पता है. संतों ने कहा कि इतिहास में पहले भी बहुत कुछ हो चुका है, अब मंदिर निर्माण होकर रहेगा.
बता दें कि शाहनवाज हुसैन का यह बयान ऐसे माहौल में आया है जब बीजेपी से जुड़े कई बड़े नेता, यहां तक कि मोदी सरकार में मंत्री तक तुरंत राम मंदिर निर्माण की पुरजोर तरीके से मांग कर रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टलने पर भी सवाल उठा रहे हैं.
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